हम दोनों मिले ऐसे, जैसे बन गयी हो हमारी कोई नई कहानी। हम दोनों मिले ऐसे, जैसे बन गयी हो हमारी कोई नई कहानी।
शिव ही चेतन है शिव ही अचेतन है शिव ही आत्मा,शिव ही परमात्मा बदन है! शिव ही चेतन है शिव ही अचेतन है शिव ही आत्मा,शिव ही परमात्मा बदन है!
वो ही बनता महाकाल भक्त, जिसका दिल, गंगा नीर समान। वो ही बनता महाकाल भक्त, जिसका दिल, गंगा नीर समान।
प्रेम भक्ति का आधार है और मोह से भय का संचार है प्रेम भक्ति का आधार है और मोह से भय का संचार है
उसकी होती हर जगह, जीत महाकाल से तू रख प्रीत उसकी होती हर जगह, जीत महाकाल से तू रख प्रीत
शिव ही हर रोशनी का मूल दीप है शिव ही हार और शिव ही जीत है शिव ही हर रोशनी का मूल दीप है शिव ही हार और शिव ही जीत है